गुरु माता श्रीमती लिलाबाई ज्ञानेश्वर औसेकर यांना देवाज्ञा
शिवशाही वृत्तसेवा, लातूर (उदय पाठक)
श्री समर्थ सच्चिदानंद सद्गुरु वीरनाथ मल्लनाथ महाराज संस्थान (श्रीक्षेत्र औसा) येथील ४ थे पिठाधीपती सद्गुरु ज्ञानेश्वर महाराज औसेकर यांच्या धर्मपत्नी तसेच विद्यमान पीठाधिपती सद्गुरु श्री गुरुबाबा महाराज औसेकर यांच्या मातोश्री श्रीमती लीलाबाई ज्ञानेश्वर महाराज औसेकर यांचे शनिवारी (२२ ऑगस्ट) रात्री ७.५० वाजता हैदराबाद येथील 'आशीर्वाद' निवासस्थानी दुःखाद निधन झाले. त्या गेल्या काही दिवसांपासून अस्वस्थ होत्या.
रविवार, २३ ऑगस्ट रोजी दुपारी २ वाजता श्रीक्षेत्र औसा या ठिकाणी त्यांच्या पार्थिवावर विधीवत अंत्यसंस्कार करण्यात आले. यावेळी संस्थानचे पदाधिकारी, विविध क्षेत्रांतील मान्यवर आणि भाविक मोठ्या संख्येने उपस्थित होते.
श्रीमती लीलाबाई आईसाहेब यांनी आयुष्यात धार्मिक व सामाजिक कार्यात नेहमीच मोलाचे योगदान दिले. त्यांच्या पश्चात तीन सुपुत्र - श्री गोरखनाथ महाराज, श्री विठ्ठल रुक्मिणी मंदिरे समितीचे सह-अध्यक्ष श्री सद्गुरु गहिनीनाथ महाराज, आणि श्री बसवंतराव देशमुख (चिडगोपा) — तसेच सुना, नातवंडे असा मोठा परिवार आहे.
आईसाहेबांच्या निधनाचे वृत्त समजताच औसेकर परिवारासह संस्थानच्या संपूर्ण वारकरी संप्रदायावर दुःखाचा डोंगर कोसळला असून जगभरातील लाखो शिष्य परिवार शोकसागरात बुडाला आहे.
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